जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 2013 में नगर के मोहल्ला शंभूपुरा में पति-पत्नी के झगड़े में मासूम बेटे को छत से फेंकने वाले पिता को उम्रकैद की सजा दी है। साथ ही अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता भाग सिंह भाटी ने बताया कि गुलावठी निवासी सोनू का विवाह 2007 में मोहल्ला शंभूपुरा निवासी मिंटू से हुआ था। 2013 में मिंटू और सोनू के बीच किसी बात पर जबरदस्त झगड़ा हो गया था। इसके बाद मिंटू ने अपनी मां की गोद में बैठे तीन वर्षीय पुत्र लकी को उठाया और छत से फेंक दिया।
इस हादसे में लकी की मौके पर ही मौत हो गई। मामले में सोनू के पिता किशनलाल ने आरोपी मिंटू के खिलाफ गैर इरादतन हत्या करने का मामला कोतवाली में पंजीकृत कराया था।
बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार श्रीवास्तव ने पिता मिंटू को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। कोेट के फैसले के बाद मिंटू को जेल भेज दिया गया।