शौचालय निर्माण की जमीन को लेकर शनिवार की सुबह बिजलीपुर गांव में मारपीट हो गई। कहासुनी के दौरान दबंग पड़ोसियों ने लाठी-डंडे से हमला करके दो महिलाओं समेत 4 लोगों को लहूलुहान कर दिया। आरोप है कि मारपीट की यह घटना शमसाबाद चौकीप्रभारी की अनदेखी के कारण हुई है। भुक्तभोगी ने घटना की शिकायत सीओ सिटी से की है। उधर, मंझनपुर कोतवाली में दोनों पक्ष के खिलाफ एनसीआर दर्ज करके पुुलिस ने घटना की छानबीन शुरू कर दी है।
मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के बिजलीपुर गांव निवासी रामसुमेर को ग्रामसभा की ओर से शौचालय का आवंटन हुआ है। उसका कहना है कि वह घर के सामने अपनी खाली पड़ी जमीन में शौचालय का निर्माण करा रहा है। पर गांव के ही राजेंद्र कुमार आदि इस जमीन को लेकर विवाद कर रहे हैं। शनिवार की सुबह इन लोगों ने आकर उसके निर्माणाधीन शौचालय को जमींदोज कर दिया। विरोध करने पर लाठी-डंडे से लैश विपक्षियों ने उसके ऊपर हमला कर दिया। उसकी बेरहमी से पिटाई करते हुए लहूलुहान कर दिया। चीख-पुकार सुनकर दौड़ी रामसखी (35), मुनिया देवी (45) और रवि कुमार (14) को भी हमलावरों की पीटकर घायल कर दिया। गांववालों के दौड़ने पर हमलावर धमकियां देते हुए भाग निकले।
घायलों का आरोप है कि हमले में खून लथपथ होकर जब वे शिकायत करने पहुंचे, तो चौकी प्रभारी शमसाबाद ने उन्हें डांटकर भगा दिया। इल्जाम है कि चौकी पुलिस भी विपक्षियों से मिली हुई है। पीड़ितों ने मंझनपुर कोतवाली आकर घटना की तहरीर दी। साथ ही प्रकरण की शिकायत सीओ सिटी से की। वहीं दूसरे पक्ष ने भी मारपीट का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्ष की एनसीआर दर्ज कर ली है। सीओ सिटी रमाकांत यादव ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है। तफ्तीश के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।