शमसाबाद (ब्यूरो)। बाजार से सब्जी खरीदकर घर लौट रही मधवामई गांव की महिला किशनी देवी टेंपो की टक्कर से घायल हो गई थीं। हादसे के बाद गांववालों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने चालक को दबोचकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। फिर, गांव के सामने स्पीड ब्रेकर की मांग करते हुए सिराथू-मंझनपुर पर चक्काजाम कर दिया था। चार घंटे बाद लोग सड़क से तब हटे थे, जब एसडीएम ने सुबह स्पीड ब्रेकर बनवाने का भरोसा दिलाया। इधर, सुबह होते ही गांव के सामने सड़क पर स्पीड ब्रेकर बना दिया गया है।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के मधवामई गांव की रहने वाली किशनी देवी (38) की शादी महेवाघाट में हुई थी। करीब 10 साल पहले उसके पति की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही वह मधवामई मायके में ही रहने लगी थी। बताया जाता है कि शनिवार की शाम किशनी देवी सब्जी खरीदने करनपुर बाजार आई थी। शाम करीब छह बजे लौटते समय जैसे ही वह गांव के समीप सड़क पार कर रही थी, तभी मंझनपुर से सवारियां लेकर सिराथू की तरफ जा रहे टेंपो ने उसे टक्कर मार दी। गिरकर टेंपो की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई।
सूचना पर पहुंची इलाकाई पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, हादसे की भनक लगते ही गांववाले टूट पड़े। भाग रहे टेंपो चालक महेश कुमार निवासी चौरा को दबोचकर गांववालों ने उसे पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने किसी तरह उसकी जान बचाई। उधर, गांव के सामने बार-बार होने वाली जानलेवा दुर्घटना होने के बाद भी स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जाने से गांववालों का गुस्सा फूट पड़ा।
लोग सड़क पर उतर आए। तत्काल स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग करते हुए ग्रामीणों ने सिराथू-मंझनपुर मार्ग जाम कर दिया। लोगों में गुस्सा है कि महीने भर पहले ऐसे ही हादसे में कोटेदार के बेटे रामबाबू (25) की मौत हो गई थी। तब खुद तहसीलदार सिराथू ने आकर दो दिन के भीतर स्पीड ब्रेकर बनवाने का भरोसा दिलाया था। पर, अब तक स्पीड ब्रेकर नहीं बनाया जा सका है। इधर, बार-बार हो रहे मार्ग हादसे को देखते हुए रविवार को मधवामई गांव के सामने स्पीड ब्रेकर बना दिया गया है।