सरायअकिल थाने के सुरसेनी निवासी अधिवक्ता का नाम एफआईआर से न काटे जाने के खिलाफ चायल अधिवक्ता संघ विरोध पर उतर आया। तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने एकता दिखाते हुए पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अनिश्चित कालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। इससे तहसील पहुंचे वादकारियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
सुरसेनी गांव में एक व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में न होने को लेकर ग्राम प्रधान पति ज्ञानेंद्र शुक्ल व शिक्षक बीएलओ सियाराम के बीच मारपीट हुई थी। बीएलओ की तहरीर पर सरायअकिल पुलिस ने गांव के विद्याकांत द्विवेदी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर लिया जो पेशे से अधिवक्ता हैं। इसकी जानकारी चायल तहसील के अधिवक्ताओं को हुई तो मंगलवार को एफआईआर से नाम वापस लिए जाने का ज्ञापन एसडीएम को दिया गया था। 24 घंटे के भीतर कोई पहल न होती देख बुधवार को अधिवक्ता संघ के मंत्री धर्मराज ओझा के नेतृत्व में वकील एकत्रित हुए। इसके बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अनिश्चित कालीन हड़ताल कर दिया।
अधिवक्ताओं के हड़ताल पर चले जाने से न्यायिक कार्य दिनभर ठप रहा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दिया कि एफआईआर से साथी का नाम बाहर न किए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शन व नारेबाजी करने वालों में लालबाबू सिंह, राजकुमार वर्मा, रामकृष्ण मिश्र, सगीर अहमद, उमाकांत मिश्र, राजेश्वर सिंह, एहसान अहमद, रिजवान अहमद, राकेश पाल, अमरनाथ आदि अधिवक्तागण मौजूद रहे।