बारा। 57 ग्राम सभाओं के विकास का जिम्मा संभालने वाला कौशाम्बी ब्लॉक कार्यालय खुद समस्याओं से घिरा है। समूचा दफ्तर महज एक बाबू के सहारे किसी तरह से घिसट रहा है। कार्यालय में बाबुओं के तीन महत्वपूर्ण पद महीनों से खाली चल रहे हैं। इसके चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
विकास खंड कार्यालय में अकाउंटेंट, स्थापना, डिस्पैच तथा मनरेगा सहायक समेत लिपिक वर्ग के चार महत्वपूर्ण पद हैं।
इसके विपरीत कौशाम्बी ब्लॉक के में सिर्फ अकाउंटेंट अरुण कुमार श्रीवास्तव की ही तैनाती है। स्थापना लिपिक अभय सिंह का डेढ़ महीने पहले तबादला हो जाने के बाद से यह पद रिक्त चल रहा है। इसके चलते कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिल पा रहा है। एरियर, इंक्रीमेंट, बोनस आदि का काम भी रुका हुआ है। इसी तरह से चार माह पूर्व डिस्पैच बाबू व सहायक लेखाकर मनरेगा का भी स्थानांतरण हो चुका है। इससे सरकारी पत्राचार नहीं हो पा रहा है। मनरेगा बाबू के अभाव में वित्तीय स्वीकृति, मस्टर रोल निकालने, वितरण करने, पत्रावली के रखरखाव आदि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खंड विकास अधिकारी हरिश्चंद्र का कहना है कि लिपिक के खाली पदों पर तैनाती के लिए पत्राचार किया जा चुका है। जल्द ही तैनाती करने का आश्वासन मिला है।