मंझनपुर। गंगा-यमुना के मध्य बसा दोआबा हत्या कर शव ठिकाने लगाने का अड्डा बन गया है। छह महीने के भीतर एक महिला व मासूम सहित 12 लोगों को मौत के घाट उतारकर उनकी लाश जिले में फेंकी गई है। हैरानी की बात है कि पुलिस मृतकों की शिनाख्त तक नहीं कर पा रही है। इसके अभाव में जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
प्रयागराज-कानपुर नेशनल हाईवे कौशाम्बी से होकर गुजरा है। ऐसे में अपराधियों के लिए यह जिला काफी मुफीद साबित हो रहा है। खुद पुलिस कहती है कि अपराधी हत्या करने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते आकर लाश यहां फेंक देते हैं। अधिकतर लाशें हाईवे से सटे इलाकों में ही मिलती हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 26 जून से लेकर 25 दिसम्बर तक के बीच जनपद में करीब 12 अज्ञात लाशें मिली हैं। इनकी शिनाख्त के लिए पुलिस हवा में तीर मार रही है। अभी 25 दिसम्बर को कोखराज इलाके के लाठपुर गांव के समीप एक महिला व मासूम बच्चे की लाश मिली थी। महिला का शरीर तेजाब से झुलसा हुआ था।
इस दोहरे हत्याकांड का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस के पास रटा-रटाया एक ही जवाब है कि शिनाख्त से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस की इसी ढिलाई का नतीजा है कि अपराधी मनबढ़ हैं और वह अपने मंसूबे पर कामयाब हो रहे हैं।
पुलिस शव की शिनाख्त का हर संभव प्रयास करती है। कुछ शव गैरजिलों से लाकर यहां फेंके गए हैं। पुलिस वाले खुलासे में लापरवाही बरत रहे हैं तो यह गंभीर बात है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
अशोक कुमार-एसपी