मंझनपुर। मिट्टी काअवैध खनन कराना बिजली विभाग के एक ठेकेदार को महंगा पड़ा है। आरोप है कि ठेकेदार ने बिदनपुर ककोढ़ा विद्युत उपकेंद्र के निर्माण के लिए बगैर अनुमति के आसपास की जमीन से मिट्टी की खुदाई करा ली है। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने एसडीएम से जांच कराई थी। जांच में शिकायत सही मिलने पर डीएम ने ठेकेदार पर 4.74 लाख रुपये का अर्थदंड ठोंक दिया है।
कौशाम्बी में बालू के साथ ही मिट्टी का भी अवैध तरीके से खनन किया जा रहा है। भट्ठा मालिकों के साथ ही भवन निर्माण के ठेकेदार भी धड़ल्ले से मिट्टी का खनन करा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में बिजली विभाग का एक ठेकेदार भी फंस गया है। बता दें कि बिदनपुर ककोढ़ा गांव में बन रहे विद्युत उपकेंद्र की भराई के लिए ठेकेदार ने आसपास की खाली पड़ी जमीन से मिट्टी की खोदाई बगैर अफसरों की अनुमति के करा ली है। गांव के अशोक कुमार, विनोद कुमार, अतुल कुमार, रामलखन, छेदीलाल आदि ने 15 दिन पहले इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी सिराथू को जांच करने का निर्देश दिया था।
एसडीएम की जांच रिपोर्ट के अनुसार ठेकेदार ने 5343.68 घनमीटर मिट्टी का अवैध खनन कराया है। उपजिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने खनिज मूल्य 3.74 लाख रुपये, 74 हजार 800 रुपये रायल्टी और 25 हजार रुपये अर्थदंड समेत चार लाख 74 हजार 812 रुपये की वसूली के लिए ठेकेदार को नोटिस भेज दी है। वहीं अधीक्षण अभियंता को पत्र भेजकर गाइड लाइन के अनुसार विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराने का निर्देश दिया है। डीएम की इस कार्रवाई से ठेकेदार और बिजली विभाग के अफसरों में हड़कंप मचा है। डीएम राजमणि यादव का कहना है कि अवैध खनन करने वाले किसी भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। पकड़े जाने पर दोषियों से रिकवरी के साथ ही एफआईआर भी कराई जाएगी।