मंझनपुर/सरायअकिल। कौशाम्बी में शीतलहर से मौत का सिलसिला महीनेभर से चल रहा है। बर्फीली हवाओं से सुबह-शाम की तीखी गलन अब भी जानलेवा बनी हुई है। इसकी चपेट में आने से बुधवार की रात भी सरायअकिल के टिकरी और गौरा गांव के एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं दो दिन से दोपहर सूरज निकल रही है। पर, तेज शीतलहर से धूप भी पूरी तरह से बेअसर बनी हुई है।
गंगा-यमुना के बीच बसे दोआबा में इस साल ठंड जान लेने पर उतारू है। महीनेभर से पड़ रही भीषण ठंड का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोहरे के साथ तेज बर्फीली हवाएं और गलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त बना हुआ है। हालांकि इस बीच दो दिनों से हल्की धूप भी निकल रही है। जिससे दिन का तापमान बृहस्पतिवार को 20 डिग्री सेल्सियस था। पर, दिन ढलते ही भीषण ठंड का कहर फिर शुरू हो जाता है। शीतलहर, गलन के कारण बुधवार की रात तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रहा। इसी भीषण गलन से रोजाना जिले में मौतें भी हो रही हैं।
बुधवार की रात भी ठंड की चपेट में आने से सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के टिकरी सड़वा गांव निवासी कुल्लू (45) पुत्र रामेश्वर प्रसाद की मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक बुधवार की शाम वह सरायअकिल बाजार गया था। देर शाम करीब 7.30 बजे घर आते समय उसे ठंड लग गई। घर आने पर उसकी तबीयत बिगड़ गई। सीने और पेट में तेज दर्द होने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल जा रहे थे। पर, रास्ते में ही कुल्लू की सांसें थम गई। इसी तरह से ठंड की चपेट में आने से बुधवार की रात ही गौरा गांव निवासी ईश्वरीदीन (55) पुत्र महंगू की जान चली गई।
घरवालों के मुताबिक आधी रात अचानक उसे उल्टियां होने लगी। साथ ही उसे कंपकंपी भी हो रही थी। परिजनों ने आग जलाई। साथ ही उसे रजाई के साथ कंबल भी ओढ़ने को दिया। पर, सुबह वह बिस्तर पर मृत मिला। घरवालों का कहना है कि ठंड लगने से ही मौत हुई है। बता दें कि जिले में ठंड से कहीं न कहीं रोजाना हादसे हो रहे हैं। बुधवार की शाम मंझनपुर के उमरा गांव के भी अधेड़ की मौत हुई थी। मौत पर मुआवजे की मांग को लेकर गांववालों ने चक्काजाम भी किया था।