मंझनपुर। प्रधानमंत्री आवास आवंटन में रिश्वत लेना पिपरहटा के पंचायत सचिव को महंगा पड़ गया। ग्रामीणों की शिकायत और विधायक चायल के हस्तक्षेप पर आरोपी सचिव को निलंबित कर दिया गया। डीपीआरओ ने आरोपों की जांच के लिए उपायुक्त मनरेगा को जांच करने का निर्देश दिया है।
ग्राम स्वरोजगार अभियान के तहत विधायक चायल संजय गुप्ता ने 21 अप्रैल की रात नेवादा ब्लॉक के पिपरहटा गांव में अफसरों संग चौपाल लगाई थी। इस दौरान ग्रामीणों ने पंचायत सचिव मक्खन राम पर प्रधानमंत्री आवास आवंटन के लिए प्रत्येक लाभार्थी से 20-25 रुपये रिश्वत लिए जाने का आरोप लगाया था। शिकायतों का अंबार देख पंचायत सचिव बगैर किसी सूचना के मौके से खिसक गया था। इस पर विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए डीपीआरओ कमल किशोर से आरोपी सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा। विधायक ने यह भी चेताया था कि आरोपी सचिव का बचाव करने वाले अफसर की शिकायत सीएम से की जाएगी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने सोमवार को आरोपी सचिव को निलंबित कर दिया। साथ ही उपायुक्त मनरेगा को आरोपों की जांच कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।