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शस्त्र लाइसेंस का आवेदन लेने आए प्रधान और अधिवक्ता में मारपीट

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शस्त्र लाइसेंस का आवेदन लेने आए प्रधान और अधिवक्ता में मारपीट
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कलक्ट्रेट में लगी लाइन तोड़ने को लेकर हुआ विवाद
असलहे पर लगी रोक हटने के बाद लगने लगी आवेदकों की लाइन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कलक्ट्रेट में मंगलवार को शस्त्र लाइसेंस का आवेदन पत्र खरीदने आए ग्राम प्रधान और अधिवक्ता के बीच मारपीट हो गई। मारपीट से लाइन लगाकर आवेदन पत्र खरीद रहे लोगों में अफरातफरी मच गई। किसी तरह मामला शांत कराया गया। मारपीट की वजह से दोपहर तीन बजे कुछ देर के लिए आवेदन पत्रों की बिक्री रोकनी पड़ी।
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प्रदेश सरकार ने शस्त्र लाइसेंस पर लगी पाबंदी खत्म कर दी गई है। इसे लेकर जिले में काफी दिनों से लाइसेंस की चाह रखने वालों की अचानक कलक्ट्रेट में भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार से जिले में आवेदन पत्रों की बिक्री की जा रही है। सुबह से ही कलक्ट्रेट में आवेदन पत्र खरीदने वाले लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। भीड़ ज्यादा होने पर सभी को लाइन में खड़ा करा दिया गया। एक गांव का प्रधान भी आवेदन लेने आया था। टायफाइड का बुखार होने की वजह से वह कुछ देर तो लाइन में रहा, बाद में किनारे जाकर खड़ा हो गया। कुछ देर बाद वह फिर लाइन में आया तो पीछे रहे अधिवक्ता ने विरोध किया। इसे लेकर दोनों के बीच गाली-गलौच होने लगी। प्रधान ने गुस्से में आकर अधिवक्ता को पीट दिया। यह बात जब अधिवक्ता ने फोन पर कचहरी के साथी को बताई तो बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रधान को पीट दिया। हंगामे की वजह से अफरातफरी मच गई। दोपहर ढाई बजे के करीब हुई घटना को लेकर कुछ देर के लिए आवेदन पत्रों की बिक्री रोकनी पड़ी। बाद में लोगों के समझाने पर मारपीट करने वाले दोनों पक्ष वापस लौट गए। इस बाबत शस्त्र लिपिक सदाशिव का कहना है कि एक हजार फार्म छपवाए गए थे, जिसमें छह सौ से ज्यादा फार्म सोमवार और मंगलवार को बिक गए। एक फार्म की कीमत एक हजार रुपये है। चार हजार फार्म छपकर आना बाकी है। मारपीट दफ्तर के बाहर कतार मेें लगे लोगों के बीच हुई थी। वह लोग लाइन में लगने को लेकर भिड़े थे।
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