चरवा कोतवाली इलाके में सात साल पहले नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म मामले में अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपी को 4.20 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की यह धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के मुताबिक चरवा कोतवाली इलाके की एक नाबालिग किशोरी के साथ 23 जुलाई 2015 को परिश्चमशरीरा कोतवाली के बरुवा गांव निवासी सोनू त्रिपाठी ने घर में बंधक बनाकर दुष्कर्म किया था। सोनू की ससुराल चरवा कोतवाली इलाके के समसपुर गांव में था। घटना में किशोरी के घरवालों ने आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी को दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट का दोषी करार देते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
यह मामला विशेष न्यायाधीश पाक्सो अरविंद कुमार द्वितीय के न्यायालय में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से अपर शासकीय अधिवक्ता रमेश कुमार ने पैरवी करते हुए कोर्ट के समक्ष गवाहों का बयान कराया। साक्ष्यों को प्रस्तुत कर आरोपी को सख्त सजा दिए जाने की मांग की।
कोर्ट ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुनने के बाद आरोपी सोनू त्रिपाठी को दोषी करार दिया। अदालत ने सोनू को आजीवन कारावास व पाक्सो एक्ट में चार लाख व दुष्कर्म मामले में 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने कहा कि अर्थदंड की यह रकम पीड़िता को दी जाए।