मंझनपुर क्षेत्र स्थित शेषा गांव का बड़ोखर तालाब। संवाद
जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने के उद्देश्य से वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन योजना के तहत दो महीने में नौ तालाबों के निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य कराए जाएंगे। लघु सिंचाई विभाग की तरफ से तैयार की गई इस योजना पर करीब 2.54 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
योजना के तहत सिराथू, मंझनपुर, मूरतगंज और कड़ा विकासखंड के विभिन्न गांवों में स्थित पुराने तालाबों का कायाकल्प किया जाएगा। इनमें सिराथू क्षेत्र के कैकी गांव का आदर्श तालाब और जवई पड़री का सिदिया तालाब शामिल हैं। मंझनपुर विकासखंड के सेहा गांव का बड़ौसर तालाब, बरैसा गांव का चौकी तालाब और महेंद गांव का भीटा तालाब भी योजना में शामिल हैं।
इसके अलावा मूरतगंज क्षेत्र के मलाक मोहिउद्दीनपुर गांव में स्थित बड़ौसर और मगही तालाब का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। मंझनपुर क्षेत्र के तेनशाह आलमाबाद गांव का बरगंधे तालाब और कड़ा क्षेत्र के कवार गांव स्थित बड़े तारा तालाब का भी निर्माण कार्य कराया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन तालाबों के विकसित होने से बरसात का पानी संरक्षित किया जा सकेगा, जिससे भूजल स्तर में सुधार आएगा। साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से खेती को भी लाभ मिलेगा।
वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न विकासखंडों में तालाबों के निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य कराए जा रहे हैं। सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। -संजय कुमार जायसवाल, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग
मंझनपुर क्षेत्र स्थित शेषा गांव का बड़ोखर तालाब। संवाद