Congress has bet on party's district president Arun Vidyarthi for two years
- फोटो : KAUSHAMBI
सदर विधानसभा सीट से कांग्रेस ने पार्टी के जिलाध्यक्ष अरुण विधार्थी को प्रत्याशी बनाया है। अरुण के चुनाव मैदान में आने से राजनैतिक हलचल तेज हो चली है। उनके पिता ईश्वर शरण विधार्थी 80 के दसक में तीन पंचवर्षीय लगातार यहां से विधायक रह चुके हैं।
कांग्रेस की पहली सूची में अरुण का नाम होने से उनके समर्थक खासे उत्साहित हैं। अरुण पिछले दो साल से पार्टी के जिलाध्यक्ष हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से अपने राजनैतिक कॅरियर की शुरूआत की है। अरुण ने बताया कि सदर विधान सभा से उनका गहरा नाता रहा है। उनके पिता वर्ष 1980 से लगातार तीन बार यहां से विधायक रह चुके हैं।
गौरतलब है कि इस विधानसभा में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या अधिक है। इनमें भी पासी बिरादरी के काफी मतदाता हैं। यहां से इंद्रजीत सरोज चार बार लगातार विधायक रह चुके हैं। बसपा सरकार में वह तीन बार कैबिनेट मंत्री भी रहे। लेकिन अब वह सपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं।
सदर विधान सभा सीट से इंद्रजीत के चुनाव लड़ने की भी अटकलें काफी तेज हैं। हालांकि सपा ने अभी उनके नाम की औपचारिक घोषणा नहीं की है। बसपा ने यहां नीतू कनौजिया को प्रत्याशी बनाया है। अब भाजपा व सपा के प्रत्याशियों का इंतजार है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक अगर किसी दल ने पासी बिरादरी के उम्मीदवार को उतार दिया तो मुकाबला काफी दिलचस्प होगा।