मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग की ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
सर्दी बढ़ने के साथ लोगों के कानों में मैल जमने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते कान में खुजली, जलन, दर्द और सुनाई कम देने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। मेडिकल कॉलेज की ईएनटी ओपीडी में रोजाना ऐसे मरीजों भीड़ देखने को मिल रही है। मेडिकल कॉलेज के नाक-कान-गला विभाग की ओपीडी में रोजाना 150 से अधिक मरीज इलाज कराने आते हैं। जिनमें 50 से अधिक मरीज इन्हीं बीमारियों से परेशान हैं।
इलाज कराने पहुंचे मरीज सुरेश कुमार ने बताया कि कई दिनों से कान में तेज खुजली और भारीपन महसूस हो रहा था। घरेलू उपाय करने के बाद भी राहत नहीं मिली तो मेडिकल कॉलेज आना पड़ा। वहीं, रन्नो देवी ने बताया कि कान में जलन के साथ हल्का दर्द भी होने लगा था, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे थे।
ईएनटी विभाग के चिकित्सक डॉ. ज्ञानेंद्रधर द्विवेदी ने बताया कि ठंड के मौसम में त्वचा और कान के भीतर नमी कम हो जाती है, जिससे मैल सख्त होकर जमने लगता है। कई लोग कान साफ करने के लिए तीली या पिन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे कान को नुकसान पहुंच सकता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सलाह दी कि बिना विशेषज्ञ की सलाह के कान की सफाई न करें और परेशानी होने पर तुरंत नियमित चिकित्सक से संपर्क करें।
ऐसे करें बचाव :
- बिना डॉक्टर की सलाह के कान में तीली, पिन या नुकीली वस्तु न डालें।
- नहाने के बाद कानों को साफ और सूखे कपड़े से हल्के हाथों से पोछें।
- ज्यादा खुजली, दर्द, जलन या सुनाई कम देने पर तुरंत ईएनटी डॉक्टर को दिखाएं।
- ठंड में पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें, ताकि शरीर में नमी बनी रहे।
- कान में किसी भी प्रकार की दवा या ड्रॉप डॉक्टर की सलाह से ही डालें।