विकासखंड के परास गांव की माया देवी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। स्वयं सहायता समूह से ऋण और मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा निकलवाया और स्वरोजगार शुरू किया। आज वह ई-रिक्शा के माध्यम से रोजाना यात्रियों को ले जाकर नियमित आमदनी कर रही हैं।
माया देवी बताती हैं कि पहले परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन होता था, लेकिन ई-रिक्शा चलने से आय में स्थिरता आई है। इससे बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और छोटी-मोटी जरूरतें समय पर पूरी हो पा रही हैं।
उनकी सफलता से गांव की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित हो रही हैं। माया देवी का कहना है कि अगर महिलाओं को सही समय पर सहयोग और अवसर मिले तो वे अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार और समाज को आगे बढ़ा सकती हैं।