एयरपोर्ट से बुद्धस्थली तक बन रही फोरलेन सड़क के लिए प्रयागराज-कौशाम्बी तपोस्थली मार्ग के किनारे कई किसानों की भूमि अधिग्रहण कर ली गई, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी मुआवजा नहीं दिया गया। परेशान किसान पिछले दो साल से लेखपाल, एसडीएम व डीएम के दफ्तर का चक्कर काट रहे हैं। पीड़ितों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर मुआवजे की मांग की है। कादिलपुर गांव निवासी भैयालाल, प्रीति देवी, रोशन लाल और माया देवी ने बताया कि आराजी नंबर 148 में खेती के साथ-साथ उनका मकान भी बना हुआ है। 2022 में लोक निर्माण विभाग ने राजस्व विभाग की टीम के साथ मिलकर सड़क चौड़ीकरण के लिए उनकी भूमि अधिग्रहीत कर ली, लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिला। मुआवजे के लिए वह कई बार हल्का लेखपाल, तहसील और जिलाधिकारी कार्यालय जा चुके हैं।
लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। निराश होकर उन्होंने मंगलवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर मुआवजे की गुहार लगाई है। इस संबंध में हल्का लेखपाल महेश मिश्रा ने बताया कि मुआवजे के लिए टीम गठित की गई है। 12 दिसंबर को मौके पर भूमि की नापजोख की जाएगी। उसी दिन मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होगी।