पहाड़ों से आने वाली हवाओं से गलन बढ़ गई है। रविवार को लोग ठंड से कांपते नजर आए। दोपहर करीब तीन बजे मात्र आधा घंटे के लिए सूर्य देव दर्शन देकर विलुप्त हो गए। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों के साथ ही अलाव तापते दिखे।
रविवार को सुबह से ही हवाओं के चलते ठंड बढ़ गई। दोपहर करीब तीन बजे कुछ देर के लिए ही धूप निकली। धूप छिपते ही फिर से सर्द हवाएं चलने लगीं। इस दौरान अधिकतम तापमान 16 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 81 फीसदी और हवाओं की रफ्तार छह किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अगले 24 घंटे तक मौसम साफ होने की उम्मीद नहीं है।
हीटर और अंगीठी जलाएं तो वेंटिलेशन जरूरी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉ. पूनम प्रजापति ने शीतलहर व ठंड से बचाव के लिए सलाह दी है। उनका कहना है कि कोयले की अंगीठी, हीटर, ब्लोअर आदि प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। कमरे में हवा का वेंटिलेशन बनाए रखें, ताकि जहरीला धुआं इकट्ठा न हों। शरीर को सूखा रखें, गीले कपड़े तुरंत बदल लें। ऊनी कपड़े, स्वेटर, टोपी और मफलर आदि का प्रयोग ठंड से बचाएगा। ठंड और कोहरा पड़ने पर छोटे बच्चों व बुजुर्गों को जितना हो सके घर के अंदर रखें। वहीं ठंड का असर बढ़ते ही कोल्ड क्रीम, मॉइश्चराइजर और बॉडी लोशन की मांग तेज हो गई है। सुबह-शाम चल रही ठंडी हवाओं से त्वचा को बचाने के लिए इनकी खरीदारी की जा रही है।
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