सीएम फसल अवशेष जलाने पर किसानों पर हुई एफआईआर वापस लेने की घोषणा से जिले के 58 किसानों को राहत मिलेगी। जिले में गत वर्ष फसल अवशेष जलाने की 65 घटनाएं हुई थी। इनमें से 58 किसानों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई थी। कृषि विभाग ने पराली सहित अन्य फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए किसानों को जागरूक किया था। इसके बाद भी फसल अवशेष जलाए गए। पिछले वर्ष जिले में 58 किसानों के खिलाफ प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन किसानों पर जुर्माना भी लगाया गया था। अब सीएम ने ऐसे सभी किसानों से एफआईआर वापस लेने की घोषणा की है।
कृषि विज्ञान केंद्र महगांव के वैज्ञानिक डॉ. मनोज सिंह का कहना है कि फसल अवशेष मिट्टी में मिलाने से जहां मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा बढ़ती है, वहीं प्रदूषण पर भी अंकुश लगता है।
उन्होंने किसानों से फसल अवशेष को यंत्रों की सहायता से खेत में मिलाने का सुझाव दिया।
फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर दर्ज कराए गए मुकदमे वापस लेने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की है। हालांकि अभी तक इस बारे में कोई शासनादेश नहीं आया है। 31 अगस्त को इस बाबत शासन की वीडियो कांफ्रेंसिंग होनी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -मनोज कुमार गौतम- जिला कृषि अधिकारी