दो दिनों से मौसम का मिजाज बिगड़ा दिखाई दे रहा है। आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम का बदला रुख देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस समय गेहूं की फसल दाने बनने की अवस्था में है, जबकि चने में भी दाने लगने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
यदि ऐसा मौसम बना रहता है या बारिश होती है या तेज हवा चलती है तो फसलों के गिरने और दाने के कमजोर होने की आशंका बढ़ जाएगी। इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
किसानों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ था और तेज धूप निकल रही थी जिससे फसलों को लाभ मिल रहा था। अचानक बादल छाने से अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
यदि हल्की बूंदाबांदी भी होती है तो खेतों में जलभराव न होने दिया जाए। किसान सतर्क रहें और मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखें। किसान ऐसे मौसम में गेहूं के फसल की सिंचाई न करें। इस मौसम में चने में कीटाणु लगने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में किसान कीटाणू रोधी छिड़काव अवश्य कराएं। - डॉ. मनोज सिंह, वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र
दो दिन से मौसम खराब है। रात में हल्की बूंदा बांदी हुई है। यदि बरसात हो गई तो सबसे ज्यादा सरसों, गेंहू व आलू को नुकसान होगा। गेंहू गिर जाएगा और दाना कमजोर होंगे। -रामानंद, किसान, भैला मकदूमपुर
काफी मेहनत व खर्च के बाद फसल तैयार है। दस दिन बाद कटाई शुरु हो सकती है। यदि बारिश हुई तो फसलों को काफी नुकसान होगा। - लल्लू पटेल, किसान, भैला मकदूमपुर
पक कर तैयार सरसों की फसल
पक कर तैयार सरसों की फसल