चरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) इन दिनों अव्यवस्था और चिकित्सकीय संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। दो महीने पहले यहां तैनात चिकित्सक डॉ. गुलाम अली की ड्यूटी जेल में लगा दी गई थी, जिसके बाद से केंद्र में चायल पीएचसी की होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. पूनम को संबद्ध किया गया है।
पीएचसी में रोजाना लगभग 150 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन एलोपैथिक डॉक्टर न होने के कारण ज्यादातर मरीजों को केवल सामान्य बुखार की दवा देकर वापस भेज दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जटिल बीमारियों, चोट, संक्रमण या गंभीर मामलों के लिए उन्हें नजदीकी निजी क्लीनिक या मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ता है।
मरीज रमाशंकर तिवारी ने बताया कि यहां केवल नाममात्र की जांच होती है। ज्यादातर मरीज बिना इलाज के लौट जाते हैं। वहीं सुभाष कुमार का कहना है कि एलोपैथिक डॉक्टर की जगह होम्योपैथिक चिकित्सक होने से सही दवाएं नहीं मिल पातीं। मरीज प्रभात कुमार ने कहा कि बुखार या सिर दर्द की दवा तो दी जाती है, लेकिन बाकी रोगों का उपचार नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द एलोपैथिक चिकित्सक की नियमित तैनाती की जाए ताकि मरीजों को सही चिकित्सा सुविधा मिल सके। फिलहाल पूरा स्वास्थ्य केंद्र केवल एक चिकित्सक और कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के सहारे चल रहा है जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चरवा पीएचसी में चिकित्सा सेवाएं निरंतर संचालित हैं। डॉ. पूनम प्राथमिक उपचार दे रही हैं और जटिल मरीजों को रेफर किया जा रहा है। जल्द ही एलोपैथिक चिकित्सक की नियमित तैनाती की जाएगी ताकि स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर हो सकें। - डॉ संजय कुमार, सीएमओ