फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaushambi News: किसानों से आलू खरीदने के लिए खोले जाएंगे केंद

Sun, 12 Mar 2023 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

मंझनपुर/सिराथू। प्रदेश सरकार की ओर से गेहूं और धान की तर्ज पर क्रय केंद्र खोल कर आलू खरीदने की बनाई गई योजना से बाजार में मंदी की मार झेल रहे किसानों को कुछ राहत की उम्मीद जगी है। किसानों का कहना है कि भाव कम मिलने से आलू की खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। उम्मीद है कि सरकारी क्रय केंद्र खुलने से लागत के साथ थोड़ा बहुत मुनाफा भी हो जाएगा।

दोआबा में इस बार तकरीबन 7120 हेक्टेयर में आलू की बुआई हुई थी। पिछले कुछ सालों में मौसम की बेरुखी से आलू की फसल को काफी नुकसान हुआ, लेकिन इस बार किसान इससे बच गए। मौसम ने साथ दिया तो पैदावार भी अच्छी हुई। शासन की ओर से कौशाम्बी में करीब 1,56,640 मीट्रिक टन आलू के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था।
विज्ञापन


खेतों से आलू की निकासी अभी चल रही है। फिर भी लक्ष्य के सापेक्ष अनुमानित 80 फीसदी उत्पादन हो चुका है। फसल अच्छी होने के कारण बाजार में इसकी आवक बढ़ गई। नतीजतन एकाएक आलू के भाव आसमान से जमीन पर आ गिरे। पिछले साल जहां किसानों ने 1200 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल आलू बेचा था, वहीं अबकी बार इसके भाव 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।

वहीं किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार ने सरकारी क्रय केंद्र खोल कर 650 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से आलू खरीदने का निर्णय लिया है। शुरुआती दौर में सात जनपदों में क्रय केंद्र खोले जाने हैं। इनमें कौशाम्बी का नाम भी शामिल है। सरकार के इस फैसले की जानकारी तो अफसरों को हो गई है। इंतजार है तो केवल शासन के आदेश का। इसके बाद क्रय केंद्र खोलने की तैयारी शुरू होगी।

इस बार आलू की खेती घाटे का सौदा लग रही है। मुनाफे की कौन कहे यहां तो घर से धन लगाना पड़ रहा है। बाजार के जो हालात हैं, उससे किसानों का इस खेती से मोह भंग हो जाएगा।- दिलीप तिवारी, नगियामई

600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक आलू का दाम बाजार में नहीं मिल रहा है। मुनाफे की कौन कहे, लागत भी निकालना मुश्किल है। सरकारी क्रय केंद्र के खुलने से थोड़ी राहत मिलेगी।-
गोपाल सिंह, रामपुर धमावां

बहुत अधिक लाभ न सही, लेकिन आलू के सरकारी क्रय केंद्र खोलने से किसानों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। ज्यादा मुनाफा न सही, कम से कम लागत तो निकल ही आएगी।- राजेंद्र कुमार, भड़ेहरी

आलू की खेती करने वाले आढ़तियों और व्यापारियों के उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। औने-पौने दाम लगाकर उनका शोषण किया जा रहा है। उम्मीद है कि अब उन्हें कुछ राहत मिलेगी।-रजत कुमार कुुशवाहा, जलालपुर टेंगाई
विज्ञापन


आलू का उत्पादन अच्छा हुआ है। इसकी वजह से दाम कुछ गिरे हैं। किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने आलू क्रय केंद्र खोलने का फैसला लिया है। इसकी खबर तो अखबारों से मिली है, लेकिन अभी कोई आदेश नहीं आया। शासन से दिशा-निर्देश मिलने के बाद क्रय केंद्र खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।- सुरेंद्र राम भास्कर, जिला उद्यान अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें