जिला प्रोबेशन अधिकारी कौशांबी, राजनाथ राम।
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पत्रावली में हस्ताक्षर करने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी महिलाकर्मी को बैड टच कर रहे हैं। हालांकि महिलाकर्मी इसका विरोध करती भी दिख रही है।वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई है। मामले की गंभीरता को देखने हुए डीएम ने एडीएम न्यायिक डॉ.विश्राम की अगुवाई में दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा है।
दरअसल, चार दिन पहले ही डीपीओ दफ्तर में छेड़खानी का एक मामला उजागर हुआ था। इसमें एक संविदाकर्मी डीपीओ दफ्तर में बेहोश मिली थी जिसे विभागीय कर्मचारियों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। महिला कर्मचारी ने डीपीओ पर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने डीएम तथा प्रयागराज मंडल के कमिश्नर को पत्र भेज कर मामले की शिकायत की थी। महिला कर्मचारी का आरोप है कि उसने डीपीओ की मनमानी का विरोध किया। इसकी वजह सेेे डीपीओ ने अधिकारियों को गलत जानकारी देकर उसकी सेवाएं खत्म करा दी हैं।
निलंबन तय, जल्द हो सकती है कार्रवाई
महिलाकर्मी से छेड़छाड़ में गिरफ्तारी के बाद अब आरोपी जिला प्रोबेशन अधिकारी का निलंबन भी तय माना जा रहा है। फिलहाल देर रात तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुआ था। गौरतलब है कि डीएम ने प्रथमदृष्टया सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
कसा शिकंजा, बदले गए जांच अधिकारी
महिला कर्मचारी के साथ छेड़खानी करते हुए डीपीओ राजनाथ राम का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के मामले में अब पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। इससे पहले आउट सोर्सिंग पर नियुक्त महिला कर्मी ने भी जिलाधिकारी व कमिश्नर से शिकायत कर डीपीओ पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। इस मामले में डीएम ने एडीएम (न्यायिक) डॉ. विश्राम व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अनीता सिंह को जांच सौंपी थी।
एडीएम का कहना है जब तक वह पीड़ित महिला को नोटिस जारी कर बयान या साक्ष्य के लिए बुलाते, इससे पहले दूसरी महिला कर्मचारी के साथ छेड़खानी का वीडियो सोशल मीडिया में आ गया। इस मामले की जांच डॉ. अनीता सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम को सौंपी गई है। जिसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. छवि जौहरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश गुप्ता, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी स्वाति पांडेय, सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका द्विवेदी सहित पांच लोग शामिल हैं।