मंझनपुर। नगर कोतवाली के टेंवा स्थित विमला रानी भार्गव डिग्री कॉलेज में परीक्षा के दौरान राज्य विश्वविद्यालय के सचल दल को बंधक बनाकर पीटने के मामले में पुलिस ने प्रबंधक के बेटे समेत 15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सचल दल की तहरीर पर केस दर्ज करने के बाद पुलिस प्रकरण की जांच में जुट गई है।
इन दिनों राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षाएं चल रही हैं। टेंवा स्थित विमला रानी भार्गव डिग्री कॉलेज को भी विश्व विद्यालय का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। विद्यालय की ओर से गठित सचल दल में शामिल डॉ आशिक अहिरवार, डॉ. ललित कुमार सनोडिया और नवीन कुमार तिवारी 27 मई को द्वितीय पाली की परीक्षा का निरीक्षण करने केंद्र पहुंचे। सचल दल के मुताबिक 11 बजे की परीक्षा में 11.20 तक प्रश्नपत्र ही नहीं बटे थे। केंद्र पर अफरातफरी मची हुई थी।
केंद्र अध्यक्ष दीपक सिंह से पूछने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर टीम के सदस्य वीडियो बनाने लगे। इसे लेकर केंद्र अध्यक्ष और प्रबंधक के बेटे अजय कुमार तिवारी ने कॉलेज के आंतरिक सचल दल के सदस्य भाष्कर तिवारी, शिव गणेश, अंकित पांडेय, अमर सिंह, त्रिभुवन कुमार, रविकांत, बृजेश कुमार, चंद्रमणि, ओमप्रकाश, संजय कुमार, विनीत कुमार, हिमांशु शुक्ला, मुकेश दुबे के साथ मिलकर विश्व विद्यालय की टीम को बंधक बनाकर पिटाई की।
जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जानलेवा धमकी दी। सूचना के बाद पहुंची कोतवाली पुलिस और राज्य विश्वविद्यालय की अन्य टीम ने किसी तरह से उनकी जांच बचाई। इंस्पेक्टर संजय तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज प्रकरण की जांच की जा रही है।