स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के घमसिरा गांव में मूर्ति विसर्जन के दौरान बवाल करने वाले 75 लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने उपद्रव करने वालों की तलाश में दबिश तेज कर दी। गिरफ्तारी के डर से गांव के अधिकतर लोग फरार हैं।
घमसिरा गांव में राम प्रसाद उर्फ मौनी सरोज के घर के पास नवरात्र पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। नव दुर्गा कमेटी के अध्यक्ष राकेश कुमार यादव के नेतृत्व में पूजा अर्चना चल रही थी। मूर्ति विसर्जन स्थल को लेकर सदर एसडीएम राजेश चंद्रा व सीओ सच्चिदानंद पाठक ने गांव में जाकर कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। कमेटी के पदाधिकारियों ने पूजा पंडाल से 50 मीटर की दूरी पर स्थित दर्जी का तालाब में मूर्ति विसर्जन की बात कही।
इसके बाद भी गांव के लोग निर्धारित स्थल पर मूर्ति विसर्जन के लिए राजी नहीं हुए। सोमवार सुबह गांव के लोग प्रतिमा को निर्धारित स्थल दर्जी तलाब ले जाने के बजाय काली माता के समीप स्थित तलाब ले जाने की जिद करने लगे। इसे लेकर हंगामा हो गया। पुलिस ने विसर्जन करने जा रहे लोगों को रोका तो वह लोग नारेबाजी करने लगे। बाद में पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने किसी तरह से दर्जी तालाब में प्रतिमा का विसर्जन कराया। इसके बाद भी गांव के लोग संतुष्ट नहीं हुए।
उन्होंने दूसरी प्रतिमा ले जाकर काली माता देव स्थान के समीप स्थित तालाब में विसर्जित की। इस दौरान पुलिस के साथ ग्रामीणों की काफी नोकझोंक भी हुई। मामले में पुलिस ने 15 नामजद व 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर अशोक कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।