अब किसानों को गेहूं लेकर मंडी आने की जरूरत नहीं है। बस किसान एक मोबाइल नंबर पर कॉल करें, जिला खाद्य एवं विपणन विभाग के अधिकारी उनके घर से ही गेहूं की खरीद करेंगे। इससे किसानों का किराया बचेगा। साथ ही उपज बेचने में खासी राहत मिलेगी। अब तक जिलेभर के 34 क्रय केंद्रों पर 1,080 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
शासन से इस बार जिले को 44 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। इसके लिए जिला प्रशासन ने पांच खरीद एजेंसियों के 34 क्रय केंद्र खोल रखे हैं। मंडी में गेहूं का रेट 2200 रुपये क्विंटल तक पहुंच गया है। क्रय केंद्रों पर 2015 रुपये दाम तय किया गया है। मंडी में रेट अधिक होने के कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर नहीं जा रहे हैं। जिस वजह से एक माह में 44 हजार एमटी के सापेक्ष सिर्फ 1,080 एमटी गेहूं की खरीद हुई है।
किसानों से लगातार संपर्क के बाद अधिकारियों को सफलता हाथ नहीं लग रही है। समस्या को देखते हुए शासन ने अब घर-घर गेहूं खरीद करने का फरमान जारी किया है। इसके लिए बस किसानों को जिला खाद्य विपणन अधिकारी के मोबाइल नंबर 7839564974 पर कॉल करना होगा। बस इसके बाद नजदीकी क्रय केंद्र के प्रभारी ट्रैक्टर, कांटा व अन्य सामान लेकर किसान के घर पर पहुंच जाएंगे।
कम से कम 50 क्विंटल गेहूं होना जरूरी है। ताकि, उसे खरीदा जा सके। इससे किसानों को राहत मिलेगी। डिप्टी आरएमओ अंशुमाली शंकर का कहना है कि यदि किसी किसान को अपना गेहूं बेचना है तो उनके मोबाइल नंबर पर फोन करके बताएं। उनके घर से ही गेहूं की खरीद की जाएगी