बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर और हेडमास्टर यूपी बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में है। इससे शिक्षक-शिक्षामित्र बच्चों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इसका उदाहरण मंगलवार को प्राथमिक स्कूल इब्राहीमपुर में देखने को मिला। सुबह करीब साढ़े दस बजे तक स्कूल में ताला लटक रहा था। शिक्षामित्र के आने पर बच्चों ने रसोइया के घर से चाभी लाकर स्कूल खोला था।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में बीएसए के साथ ही सभी खंड शिक्षाधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं हेडमास्टरों समेत करीब 300 अध्यापकों को कक्ष निरीक्षक बनाया गया है।
अफसरों की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगे होने से सहायक शिक्षक और शिक्षामित्र मनमानी पर उतारू हैं। वे मनमाने समय स्कूल खोल रहे हैं। शिक्षकों की ऐसी ही मनमानी मंगलवार को मंझनपुर तहसील क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल इब्राहीमपुर में देखने को मिली। जहां स्कूल में करीब साढ़े दस बजे तक ताला बंद था। जबकि स्कूल खुलने का समय सुबह 9.30 बजे है। सुबह स्कूल के सामने बच्चे खेलते रहे। शिक्षामित्र संदीप शुक्ला के आने के बाद बच्चों ने रसोईया के घर से चाभी लाकर स्कूल खोला। इसके करीब 10 मिनट बाद सहायक अध्यापक जयसिंह स्कूल आए। बता दें कि इस स्कूल के प्रधानाध्यापक रत्नेश कुमार और एक अन्य सहायक शिक्षक आशीष कुमार की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी है। मामले में खंड शिक्षाधिकारी रतनलाल ने बताया कि यदि स्कूल खोलने में लापरवाही की जा रही है, तो कार्रवाई की जाएगी।