गांवों में महीनों से जले ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने को लेकर मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने एक्सईएन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए बिजली वर्कशाप का घेराव किया। एक्सईएन ने 24 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराकर समस्या के समाधान का भरोसा दिया। आश्वासन पर कार्यकर्ता शांत हुए। हालांकि कार्यकर्ताओं ने चेताया है कि वादाखिलाफी होने पर वे बेमियादी धरने को मजबूर होंगे।
बता दें कि कौशाम्बी में ट्रांसफार्मर फुंकने से 25 से अधिक गांवों में महीनेभर से बत्ती गुल है। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन्हें शिकायतों के बाद भी बदला नहीं जा रहा है। इसी मनमानी के खिलाफ मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के मंझनपुर स्थित वर्कशाप में प्रदर्शन किया। मंडल अध्यक्ष नूरूल इस्लाम के साथ आए कार्यकर्ताओं ने वर्कशाप का घेराव किया। गेट के सामने ही धरना शुरू कर दिया। भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया है कि वर्कशाप में गांवों के जले 100 केवीए, 63 केवीए, 25 केवीए और 10 केवीए के ट्रांसफार्मर महीनों से मरम्मत के लिए पडे़ हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं की जा रही है।
तेल नहीं होने का बहाना बनाकर कर्मचारी ट्रांसफार्मर की मरम्मत करने में लापरवाही करते हैं। इससे जहां हजारों लोग अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं। वहीं नलकूपों को बिजली नहीं मिलने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। बोर्ड परीक्षा दे रहे बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। एक्सईएन वर्कशाप ने 24 घंटे के भीतर तेल का इंतजाम करके जले ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराने का आश्वासन देकर कार्यकताओं को शांत कराया। इस दौरान भाकियू नेताओं ने एक्सईएन को 3 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया। इसमें जलने पर ट्रांसफार्मरों को 72 घंटे के भीतर बदने की व्यवस्था करने और वर्कशाप में तेल और अन्य उपकरण का पर्याप्त मुहैया कराए जाने की मांग की। इस मौके पर विजय त्रिपाठी, रमेश पाल, भैयालाल धुरिया, चंदू तिवारी, लालजी त्रिपाठी, मुजाहिद, सुनीता देवी, धर्मराज तिवारी, केवली देवी, लवलेश यादव आदि मौजूद रहे।