मंझनपुर। बीटीसी की चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा का पेपर सबसे पहले जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में आया था। पुलिस ने अब प्रश्नपत्र पोस्ट करने वाले की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को रूपया लेकर पेपर लीक किए जाने के सुराग भी मिले हैं। दो संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। माना जा रहा है कि पेपर लीक प्रकरण में जल्द ही कई अन्य शातिरों की धर-पकड़ होगी।
बीटीसी की परीक्षा सोमवार से शुरू होनी थी। इससे पहले रविवार को ही चतुर्थ सेमेस्टर का द्वितीय प्रश्न पत्र लीक हो गया। यह पेपर सबसे पहले जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में आया था। इसे ग्रुप में सबसे पहले पोस्ट किसने किया ? पुलिस अब इसकी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कई छात्रों का मोबाइल चेक किया। पर, सभी ने चैट क्लीयर कर रखी थी। इस वजह से कुछ भी पता नहीं चल सका। अब जानकारों की मदद से ग्रुप का बैकअप निकलवाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस को लग रहा है कि पहले पेपर पोस्ट करने वाला हाथ लगा तो उसके जरिये पेपर लीक करने वाले तक पहुंचा जा सकता है। हालांकि दो अन्य शातिरों के नाम भी अब तक की जांच में सामने आ गए हैं। यह इलाहाबाद के रहने वाले हैं। चर्चा तो यहां तक है कि भार्गव प्रिंटिंग प्रेस के मालिक के करीबी हैं। पुलिस को खबर मिली है कि इन शातिरों ने 2.50 लाख रुपया लेकर पर्चा आउट किया है। जांच पूरी होने से पहले अफसर इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
इनका कहना है
प्रिंटिंग प्रेस मालिकों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। पेपर लीक करने वाले की तलाश कराई जा रही है। बीटीसी प्रशिक्षुओं से भी पूछताछ जारी है। जल्द ही अन्य आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।
प्रदीप गुप्ता-एसपी