कादीपुर स्थित आरोग्य मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बोलते प्राचार्य। स्रोत: प्रशासन
- फोटो : संवाद
बृहस्पतिवार को स्तनपान सप्ताह के तहत कादीपुर और इचौली स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। मेडिकल कॉलेज के प्राधानाचार्य डॉ. हरिओम सिंह ने लोगों को इसके उद्देश्य के बारे में बताया। प्राधानाचार्य ने बताया कि स्तनपान शिशु के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच है, जो उसे बीमारियों से बचाता है।
उन्होंने बताया कि स्तनपान मां और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी सशक्त करता है। मां को कई गंभीर बीमारियों से बचाता है। साथ ही मां को बच्चे को दूध पिलाने के बाद डकार जरूर दिलानी चाहिए। क्योंकि, अगर बच्चा डकार नहीं लेता है तो इससे कान में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
इसी तरह कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉ. संतोष कुमार ने कहा, मां का पहला दूध नवजात के लिए जीवनरक्षक होता है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्तनपान के प्रति सही जानकारी से अवगत कराते हुए जागरूक किया। ताकि माताएं अपने शिशुओं को बेहतर पोषण और सुरक्षा प्रदान कर सकें। इस मौके पर डाॅ. निखिल कुमार, डॉ. सोमा पाल सहित आशा और एएनएम मौजूद रहीं।