मंझनपुर। सरकारी केंद्रों पर धान खरीद नहीं होने को लेकर भाकियू ने रविवार को मंझनपुर में हुंकार भरी। जल्द खरीद शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। साथ ही सूखी पड़ी नहरें, समितियों से हो रही खाद की कालाबाजारी पर भी निशाना साधा गया। वहीं भाकियू नेताओं ने पेशावर के आर्मी स्कूल में आंतकी घटना में मारे गए मासूमों को भी याद किया। घटना को बर्बर करार देते हुए इसकी निंदा की।
भारतीय किसान यूनियन की रविवार को मंझनपुर के जिला पंचायत कार्यालय परिसर में सभा हुई। इसमें सरकारी क्रयकेंद्रों पर धान खरीद नहीं होने, सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं कराए जाने, बिजली की अंधाधुंध कटौती, साधन सहकारी समिति में किसानों को मिलने वाली खाद की हो रही कालाबाजारी का मुद्दा छाया रहा। भाकियू जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान ने कहा कि एक अक्तूबर से प्रदेश के सभी जिलों में धान क्रयकेंद्र खोल गए हैं। पर, कौशाम्बी में खोले गए 19 क्रयकेंद्रों में ढाई महीने बीतने के बाद भी धान की खरीद शुरू नहीं की जा सकी है। इससे किसान परेशान हैं।
आलू, गेहूं की खेती के खर्च को उन्हें अपना धान व्यापारियों के हाथ कम कीमत पर बेचने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। कहाकि शिकायत के बाद भी जिले के उच्चाधिकारी इस ओर तनिक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी तरह नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से भी किसान परेशान हैं। बिजली की कटौती से नलकूप भी शोपीश बने हैं। उन्होंने अफसरों पर किसानों की समस्याओं के निस्तारण में अनदेखी का आरोप लगाया। चेताया कि जल्द किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो भाकियू कार्यकर्ता आंदोलन को मजबूर होंगे। सभा में पेशावर में हुई आंतकी घटना पर भी दुख जताया गया। इस मौके पर भैयालाल धुरिया, शांताराम, देवनाथ, सुरेशचंद्र, बच्चालाल, छेदीलाल, धर्मराज, पीतांबर प्रसाद, दशरथ लाल, कल्लू, केवली देवी, ननकी देवी, नथिया देवी, सुनीता देवी, धर्मराज तिवारी, रामलौटन, रणविजय सिंह आदि मौजूद रहे।