संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत गांवों की गंदगी दूर करने के लिए कौशाम्बी डीएम की योजना का अमल कई राज्यों में जल्द ही किया जाएगा। दिल्ली और लखनऊ में ग्राम्य विकास एवं पेयजल मंत्रालय द्वारा आयोजित सेमिनार में आए कई राज्यों से रिसोर्स पर्सन ने योजना को हाथों हाथ लिया है। ऐसे में दोआबा के डीएम की यह योजना जल्द ही देश के कई राज्यों को मुफ्त में रसोई गैस तो उपलब्ध ही कराएगा साथ ही साथ संपूर्ण स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाएगा। मंत्रालय ने ओडीएफ के साथ डीएम की योजना को जोड़ने की हरी झंडी दे दी है।
केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में संपूर्ण स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। गांवों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) योजना चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत एक-एक गांव को पूर्ण ओडीएफ बनाने की पहल पंचायती राज विभाग के नेतृत्व में चल रही है। केंद्र सरकार की यह योजना गांवों को पूर्ण रूप से साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे खुले में शौच को तो रोका जा सकता है पर गांव की गलियों के खर-पतवार, गोबर, पेड़ों को पत्तियों की गंदगी को नहीं हटाया जा सकता। ऐसे में केंद्र सरकार के संपूर्ण स्वच्छता अभियान को पूर्ण सफल बनाने के लिए कौशाम्बी डीएम अखंड प्रताप सिंह ने नई योजना तैयार किया। इसके तहत घर-घर बायो गैस प्लांट लगवाया जाना है।
बायो गैस प्लांट गोबर, पेड़ों की सूखी पत्तियों, खर-पतवार से चलेगा। ऐसे में प्लांट लगाने वाले को मुफ्त में गैस तो मिलेगी ही उसका मोहल्ला पूरी तरह से साफ-सुथरा नजर आएगा। 20 और 21 जून को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ग्राम्य विकास एवं पेयजल मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन का सेमिनार आयोजित किया गया। यहां पर कौशाम्बी डीएम अखंड प्रताप सिंह ने जब अपना ओडीएफ योजना रखा तो महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पंजाब, मध्य प्रदेश से आए रिसोर्स पर्सन दंग रह गए। लोगों को डीएम का ओपन डर्ट फ्री योजना बेहद पसंद आया। इसी तरह 23 जून को रैपिड एक्शन लर्निंग यूनिट की कार्यशाला लखनऊ के होटल लिनिएज में हुई। यहां अलीगढ़, बिहार, झारखंड से आए लोगों ने इस योजना को बेहद पसंद किया। इसके अलावा डीएम ने 29 जून को स्टेट ट्रेनिंग स्कूल लखनऊ में आए 20 जनपदों के अफसरों को भी बायोगैस योजना के बावत विस्तार से जानकारी दी।
ओपन डर्ट फ्री योजना के बावत डीएम ने कई राज्यों से आए रिसोर्स पर्सन को बताया कि प्लांट लगाने वाले लोग प्रतिमाह इससे मुफ्त में रोटी तो बनाएंगे ही साथ ही कमाई भी कर सकेंगे। प्लांट से निकलने वाली गैस को सिलेंडर में भरे जाने की मशीन भी डेवलप हो गई है। ऐसे में प्लांट लगाने वाले महीने में चार से पांच सिलेंडर भरकर बाजार में भी बेंच सकेंगे। स्थानीय स्तर पर इस सिलेंडर की बिक्री करने में पर कोई रोकटोक भी नहीं होगी।
देश एवं प्रदेश स्तरीय सेमिनार में ओडीएफ को पूर्ण सफल बनाने के लिए बायोगैस प्लांट की योजना को पसंद किया गया है। मंत्रालय ने ओडीएफ के तहत बायोगैस प्लांट को जोड़ने पर सहमति जताई है। कौशाम्बी जिला इस योजना का मॉडल बनेगा। जल्द ही यहां बायोगैस प्लांट से सिलेंडर में गैस की रिफिलिंग शुरू हो जाएगी।
अखंड प्रताप सिंह, डीएम कौशाम्बी