दोआबा में मीटर पोस्टिंग के नाम पर रीडिंग करने वाले प्राइवेट कर्मी उपभोक्ताओं को चूना लगा रहे हैं। इसके अलावा कल कारखानों के मीटर रीडिंग में मोटी रकम लेकर विभाग को चपत लगाई जा रही है। बिजली विभाग में यह खेल धड़ल्ले से जारी है।
दोआबा में उपभोक्ताओं के घरों में लगे मीटर की रीडिंग का काम बिजली विभाग ने ठेके पर दे रखा है। मार्च के महीने में ठेका होने के बाद ठेकेदार प्राइवेट कर्मियों के जरिए मीटर पोस्टिंग और रीडिंग का काम करा रहे है। मुफ्त में होने वाले इस काम के लिए प्राइवेट कर्मी उपभोक्ताओं से दो से तीन सौ रुपये वसूल करते हैं। यदि किसी उपभोक्ताओं ने रीडिंग के दौरान पैसा नहीं दिया तो हैंड बिलिंग के जरिए उसका बिल दो से तीन गुना बढ़ा दिया जाता है।
यदि किसी ने मांग से अधिक पैसा दे दिया तो उसका बिल घटाने का काम भी इन कर्मियों द्वारा किया जाता है। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि कल कारखानों का बिल अधिक होने पर उनसे 60 फीसदी रकम ले ली जाती है। इसके बाद हैंड बिलिंग और लेजर कंपलीट करते समय बिल घटाकर विभाग को चूना लगाया जा रहा है। बिजली विभाग में यह खेल जोरों पर हैं। सूत्रों की माने तो लेजर में बिल मेंटेनेंस का काम इन्हीं प्राइवेट कर्मियों के जरिए किया जाता है।
दोआबा के विद्युत उपभोक्ताओं का बिल विभाग में सक्रिय दलालों द्वारा बढ़ा दिया जाता है। अचानक बिल में बढ़ोत्तरी देख उपभोक्ता संशोधन कराने के लिए दौड़ने लगता है। कहने को तो विद्युत विभाग द्वारा बिल संशोधन का कैम्प उपकेंद्रों में लगाया जाता है लेकिन यहां से उसका कोई हला-भला नहीं होता। जब उपभोक्ता शिकायत लेकर एक्सईएन से मिलता है तो उसे संबंधित बाबू के पास भेज दिया जाता है। बाबू के पास पहुंचते ही वह दलालों के चंगुल में फंस जाता है। यदि उसने मांग के मुताबिक धन देने का काम किया तो बिल ठीक हो जाता है और यदि उसने जेब ढीली करने में कंजूसी दिखाई तो वह इधर-उधर भटकता रहता है। य
मीटर रीडिंग का काम इलाहाबाद से कराया जाता है। इससे मेरा कोई लेना देना नहीं है। यदि कोई डिवीजन कार्यालय में दलाली की बात कहता है तो मेरे संज्ञान में ऐसा नहीं। यदि किसी ने शिकायत की तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एके गौतम, एक्सईएन विद्युत