चरवा। राम विश्राम स्थल चरवा स्थित राम जानकी मंदिर के महंत की गद्दी को लेकर जंग छिड़ गई है। रविवार को भंडारे में इसे लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। माहौल बिगड़ने से पहले ही संत मौके से चले गए। बाद में ग्रामीणों ने थाने में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पर जबरन महंत थोपे जाने की तहरीर दी। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
वनगमन के दौरान भगवान राम ने चरवा में विश्राम किया था। इसको देखते हुए वर्षों पहले यहां एक मंदिर बनवाया गया था। मंदिर के महंत रहे रामेश्वरदास जी महराज का नौ जनवरी को देहावसान हो गया था। इसके बाद से रिक्त चल रही गद्दी पर महंत की ताजपोशी के लिए शनिवार को भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें चरवा समेत आसपास के तमाम ग्रामीण एवं संत समाज के लोग इकट्ठा थे। बताया जाता है कि इसी दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीपक पांडेय असलहाधारी समर्थकों के साथ मौेके पर पहुंचे और स्वामी जयरामदास जी महराज को महंत नियुक्त करने का दबाव बनाने लगे। उनका कहना था कि शृंगवेरपुर गऊघाट में 27 साल से सीताराम जाप व अखंड ज्योति तथा बाबा का पुरवा स्थित मंदिर में 17 साल से अखंड कीर्तन कराने वाले जयराम दास जी महराज से बेहतर दूसरा कोई महंत नहीं हो सकता है। मौके पर मौजूद रजनीश पांडेय, रोहित, जुगेश, रवींद्र त्रिपाठी आदि व संत समाज ने इसका विरोध कर दिया। इसे लेकर मौके पर माहौल गरम हो गया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की मंशा पर संदेह जाहिर करते हुए तहरीर पुलिस को दी है।