किशनपुर पंप कैनाल की भखंदा माइनर टेल में उफनाने से आसपास के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो रही है। फसल को बचाने के लिए किसान अपने-अपने खेतों में रात बिता रहे हैं। इस दौरान उनकी निगाह नहर के पानी पर रहती है। सोमवार को किसानों ने एक्सईएन नहर से पानी करने की मांग की है।
भखंदा माइनर में फसलों की सिंचाई के लिए कभी भी पानी नहीं आता। गर्मी के दिनों में सूखे तालाबों को पानी से लबालब करने के लिए डीएम के निर्देश पर किशनपुर पंप कैनाल दो माह बाद चालू हुई। प्रमुख नहर से निकली भखंदा माइनर के एक भी तालाब सूखे न रहें इसे देखते हुए एक्सईएन ने टेल तक पानी पहुंचाने का निर्देश दे रखा है। सिल्ट सफाई न होने के कारण भखंदा माइनर ओवरफ्लो चल रही है। टेल में अधिक पानी पहुंचने के कारण उफना कर गेहूं की फसल से खड़े खेतों को डुबोने लगी है। अब तक पानी से गांव के हरीशंकर सिंह, पप्पू सिंह, गुड्डू सिंह, रामपाल सिंह आदि किसानों की फसल जलमग्न हो चुकी है। मामले की शिकायत किसानों ने एक्सईएन नहर आरके निरंजन से करते हुए पानी कम करने की मांग किया है। उधर नहर में पानी कम न होने की वजह से किसानों को रात भर खेतों में जागना पड़ रहा है।