सरायअकिल थाना क्षेत्र के अकबराबाद गुहौली गांव के एक मंदिर में रविवार को प्रेमी जोड़े के बेटे का मुंडन होना था। विवाहिता इसी गांव की थी और प्रेमी का ननिहाल था। दोनों चार साल बाद गांव आ रहे थे। इसकी जानकारी विवाहिता के परिजनों को हुई तो वह आग बबूला हो गए। गांव में विवाद होने की संभावना थी। प्रेमी जोड़े ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए रविवार सुबह से गांव में सरायअकिल थाने की पुलिस समेत कई थानों की फोर्स तैनात कर रखी थी। गांव को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर रखा था।
पूरामुफ्ती गौसपुर निवासी धर्मेंद्र ने अकबराबाद गुहौली गांव की एक युवती को छह दिसंबर 2013 को भगा ले गया था। बाद में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। धर्मेंद्र के दो बेटे पैदा हुए। छोटे बेटे का मुंडन कराने के लिए उसकी पत्नी ने अपने गांव के मंदिर में मन्नत मांगी थी। रविवार को धर्मेंद्र के बेटे का मुंडन होना था। इसकी जानकारी विवाहिता के मां-बाप व अन्य लोगों को हुई तो वह आगबबूला हो गए। गांव में तनातनी का माहौल हो गया। धर्मेंद्र ने इसकी जानकारी देते हुए सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी। धर्मेंद्र का इसी गांव में ननिहाल भी है। शनिवार की देर रात विवाहिता के पिता ने पुलिस को सूचना दी कि उसके घर में फायरिंग हुई है। दरवाजे में दो सुराख हो गए हैं। फायरिंग की सूचना को पुलिस ने गंभीरता से लिया। हालांकि इसे वह संदिग्ध मान रही है। तनातनी को देखते हुए एसपी ने गांव में सरायअकिल एसओ अनिल सिंह के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। भारी दबाव के बीच धर्मेंद्र ने अपने बेटे के मुंडन कार्यक्रम को निरस्त किया, लेकिन देर शाम उसने भंडारा करवाया।