मंझनपुर। प्रतापगढ़ और आजमगढ़ में हुई अधिवक्ता की हत्या से कौशाम्बी के भी वकीलों में जबरदस्त गुस्सा है। घटना से आक्रोशित जिले के वकील शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। न्यायिक कार्य से विरत वकीलों ने कचहरी में प्रदर्शन करते हुए जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जनपद न्यायाधीश को देकर पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये के आर्थिक मदद की मांग की।
बता दें कि बृहस्पतिवार की रात प्रतापगढ़ के अधिवक्ता इंद्रमणि शुक्ला की गोली मारकर बदमाशों ने हत्या कर दी थी। इसी तरह से आजमगढ़ में भी एक वकील की हत्या हुई है। बेल्हा और आजमगढ़ में हुई वकीलों की हत्या पर शुक्रवार को दिनभर कौशाम्बी के अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। सुबह कचहरी परिसर में माडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले बैठक की गई। इसमें अधिवक्ताओं ने दोनों जिले में हुई वकीलों की हत्या पर दुख और गुस्सा जताया। घटना के विरोध में शुक्रवार को दिनभर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लेते हुए अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
नारेबाजी करते हुए अधिवक्ताओं ने जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी जनपद न्यायाधीश को दिया। इसमें पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग की गई। संगठन के अध्यक्ष प्रेमनाथ शुक्ल ने कहाकि प्रतापगढ़ और आजमगढ़ में हुई घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। चेताया कि यदि जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद सरकार की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गई, तो अधिवक्ता समाज एकजुट होकर इसके लिए संघर्ष करेगा। इस मौके पर बार के महामंत्री राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, मनुदेव त्रिपाठी, अजय कुमार पांडेय, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, कौशलेश द्विवेदी, वीरेंद्र मिश्र, कुलदीप शुक्ल, शशांक खरे आदि मौजूद रहे।