मंझनपुर। मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलों की राहत राशि का चेक नहीं मिलने से शुक्रवार को अहिरारा गांव के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। लेखपाल पर मनमानी का आरोप लगाते हुए किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को शिकायतीपत्र देकर राहतराशि दिलाने और लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अनदेखी पर अन्नदाताओं ने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, आलू, अरहर समेत रबी सीजन की फसलों बर्बाद हो गई थी। मौसम की मार से दाने-दाने को मोहताज किसानों को सरकार ने राहत राशि उपलब्ध कराने के लिए अपना खजाना खोल दिया था। इसके बाद अब तक कई गांवों में राहत राशि का चेक वितरित नहीं किया जा सका है। इसके लिए हजारों किसान अब भी भटक रहे हैं। चेक नहीं मिलने से परेशान सिराथू तहसील क्षेत्र के अहिरारा गांव के लोगों का तो शुक्रवार को गुस्सा फूटा।
किसानों ने राहत राशि का चेक नहीं मिलने के लिए लेखपाल की मनमानी को जिम्मेदार ठहराते हुए गांव के जयप्रकाश, शिवबालक, बनारसी लाल, संतोष कुमार, वासुदेव पटेल, हरि प्रकाश, जयसिंह पटेल, बृजेश कुमार पांडेय, महेंद्र कुमार, बलिकरन, गोविंद सिंह, अरुण कुमार, मोहम्मद फारूख, हीरालाल, दीनानाथ, सोनू सिंह आदि किसानों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर किसानों ने राहतराशि का चेक उपलब्ध करवाने और जांच कराकर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चेताया कि अनदेखी किए जाने पर वे कलेक्ट्रेट में बेमियादी धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। जिलाधिकारी ने एसडीएम सिराथू को जांच करने का निर्देश दिया है।