1 आयुष चिकित्सालय सिराथू में खाली पड़ा दवा का स्टॉक संवाद
कस्बे के धाता रोड स्थित 50 बेड के एकीकृत आयुष चिकित्सालय में पिछले डेढ़ साल से आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं नहीं हैं। इससे मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का होम्योपैथिक पद्धति से इलाज कर वापस भेज दिया जाता है।
अस्पताल में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथिक, योग और फिजियोथेरेपी सहित कई उपचार पद्धतियों की व्यवस्था है। यहां अधीक्षक समेत छह चिकित्सकों की तैनाती है और ओपीडी में रोजाना 500 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इसके बावजूद आयुर्वेदिक दवाओं में अभयारिष्ट, अग्नि टुंडी वटी, आरोग्यवर्धनी वटी जैसी जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
वहीं, यूनानी पद्धति की शरबत उन्नाव, शरबत बरियान और रोगन सुर्ख तेल जैसी दवाएं भी नहीं मिल रहीं। रामपुर धमावां की कल्पना तिवारी ने बताया कि सांस की बीमारी में आयुर्वेदिक दवा लाभकारी थी, लेकिन अब बाहर से खरीदनी पड़ रही है।
वहीं, अफजलपुरवारी के देवी दयाल चौरसिया ने बताया कि जोड़ों के दर्द की यूनानी दवा नहीं मिलने से दिक्कत हो रही है। इसी तरह बागीस पांडेय, रंगा प्रसाद और सुरेश कुमार भी दवाओं के लिए परेशान थे। मरीजों ने विभागीय मंत्री से अस्पताल में दवाओं की व्यवस्था कराने की मांग की है।
: अस्पताल में दवा आपूर्ति के लिए कई बार डिमांड भेजी गई है। ऐसे में कुछ जरूरी दवाएं आ गयी है। जिनका वितरण सोमवार से मरीजों को किया जाएगा इसके अलावा और दवाएं भी जल्द आने की संभावना है। - डाॅ. हरसुल गौतम, अधीक्षक आयुष चिकित्सालय