सोमवार शाम महेवाघाट से एक अल्फा यात्रियों को लेकर टेवां की तरफ आ रहा था। शाम साढ़े चार बजे जैसे ही वह गुरौली गांव के पास पहुंचा ओसा की तरफ से महेवाघाट की ओर जा रहे तेज रफ्तार डंपर ने सामने से टक्कर मार दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेंपो के परखचे उड़ गए। इसके बाद टेंपो में फंसे घायलों की चीख-पुकार पर स्थानीय लोग व राहगीर मौके पर पहुंचे और पुलिस व एंबुलेंस को खबर दी। जब तक एंबुलेंस पहुंचती तब तक लौगांवा गांव के बच्ची लाल (35) की मौत हो चुकी थी।
स्थानीय लोगों व पुलिस ने गंभीर रूप से जख्मी फतेहपुर जिले के धाता कोतवाली अंर्तगत परसिदपुर गांव की रहने वाली फूलमती (30) पत्नी मंगल व उसके सात वर्षीय बेटे राजकुमार उर्फ टुला, टेवां गांव की हीरामणि (38) पत्नी महेंद्र और लौगावां की माया देवी (35) पत्नी रूपेश को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा।
यहां राजकुमार और हीरामणि की मौत हो गई, जबकि फूलमती व माया देवी की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने करीब डेढ़ घंटे तक चक्काजाम किए रखा। जिसकी वजह से महेवाघाट-ओसा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है।