मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी-जुकाम और गले की खराश के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) करारी की ओपीडी में रोजाना 120 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं जिसमें 30 से अधिक लोगों को गले में दर्द, निगलने में परेशानी और टॉन्सिल की शिकायत है।
पीएचसी के डॉ. शोएब अंसारी ने बताया कि सुबह और रात के तापमान में अंतर बढ़ने से शरीर पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है। मरीजों में सामान्य बुखार, खांसी, गले में खराश और टॉन्सिल की सूजन जैसी शिकायतें देखी जा रही हैं।
इलाज के लिए पहुंचे मरीज अनिल, राहुल कुमार और सोमेंद्र ने बताया कि गले में जलन और दर्द के कारण खाना निगलने में काफी परेशानी हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार, यह वायरल संक्रमण अधिकतर मौसम बदलने के कारण फैलता है इसलिए इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है लेकिन लापरवाही भी नहीं करनी चाहिए।
डॉ. पूनम प्रजापति ने सलाह दी कि लोग ठंडी चीजों, बासी भोजन और तली हुई वस्तुओं से परहेज करें। गुनगुना पानी पीएं, गरारे करें और मास्क का प्रयोग करें। संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता और खानपान पर विशेष ध्यान दें।
बचाव के उपाय
- विटामिन सी युक्त फलों का सेवन करें, जैसे संतरा, अमरूद, नींबू और आंवला
- मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और क्रीम का उपयोग करें
- साफ-सफाई का ध्यान रखें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें
- गरम पानी का सेवन करें और गुनगुने पानी से नहाएं