मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम, बुखार और फंगल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इस सप्ताह 7,251 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारियों से ग्रसित पाए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एके सिंह ने बताया कि इस समय सबसे ज्यादा मरीज वायरल और सर्दी-जुकाम से परेशान हैं। तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, खांसी और गले में खराश जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि मरीज समय पर डॉक्टर से परामर्श लें और खुद से एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश सिंह ने कहा कि बच्चों में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के चलते छोटे बच्चे मौसम की चपेट में अधिक आ रहे हैं। ऐसे में अभिभावक बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दें और भीड़भाड़ वाली जगहों पर उन्हें कम से कम ले जाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि फंगल संक्रमण के मामलों में भी इजाफा हुआ है। बारिश और उमस भरे मौसम में त्वचा संबंधी दिक्कतें ज्यादा हो रही हैं। डॉक्टरों ने लोगों को साफ-सफाई पर ध्यान देने, नियमित हाथ धोने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी है।
इस सप्ताह आए मरीजों की संख्या
सोमवार 1550
मंगलवार 1250
बुधवार 1260
बृहस्पतिवार 1171
शुक्रवार 1050
शनिवार 970
-
वायरल व सर्दी-जुकाम के लक्षण
- लगातार बुखार आना
- सिरदर्द व बदन दर्द
- गले में खराश व खरखराहट
- नाक बहना या बंद होना
- खांसी (सूखी या बलगम वाली)
- थकान व कमजोरी
फंगल संक्रमण के बढ़े मरीज, बरतें सावधानी
त्वचारोग विशेषज्ञ डॉ. एमसी पाल ने बताया कि फंगल संक्रमण में त्वचा पर लाल चकत्ते या दाने, खुजली और जलन, त्वचा का छिलना या फटना, बगल, कमर और पैरों की उंगलियों के बीच संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि मरीज साफ-सफाई पर ध्यान दें। सूती कपड़े पहनें और पसीना आने पर त्वचा को तुरंत सुखाएं।
बच्चे का इलाज करते बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश। संवाद- फोटो : mathura