तेज बरसात ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। चायल, मंझनुपर और सिराथू ब्लॉक क्षेत्र में धान की फसल प्रभावित हुई है। अपनी मेहनत के सहारे धान तैयार किया था, अब उनकी मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है। खेतों में गिरे धान से करीब 10 फीसदी तक उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
किसान नेता नूरूल इस्लाम ने बताया कि समय से खाद और पानी नहीं मिला लेकिन किसानों ने हाड़तोड़ मेहनत कर फसल तैयार की थी। अब शुक्रवार की रात अचानक हुई बारिश ने फसल को गिरा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को नुकसान का आकलन कर मुआवजा देना चाहिए।
कृषि वैज्ञानिक मनोज सिंह का कहना है कि अगर खेतों से पानी की निकासी नहीं हो सकी तो समस्या और बढ़ सकती है। समय रहते पानी निकल गया तो नुकसान कम हो जाएगा। बता दें कि तीन दिन पहले चायल के नेवादा क्षेत्र में बरसात से किसानों की धान की फसल गिर गई थी। कृषि विभाग इसका सर्वे करा रहा है।
चरवा गांव के किसान प्रवीण कुमार ने बताया कि बारिश के कारण पूरी फसल गिर गई है। फसल पर खर्च किए गए पैसे अब डूबते नजर आ रहे हैं। इसी तरह नीतेश कुमार और गिरजा शंकर तिवारी आदि किसानों ने कहा कि लागत पूरी तरह से पानी में बह गई। अब परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। मौसम की मार से लगातार किसान घाटा झेल रहे हैं। सरकार से उचित मुआवजे की मांग की जा रही है।
मुआवजे की मांग के लिए पहुंचे कृषि विभाग
मंझनपुर ब्लॉक के शुक्लन का पुरा गांव के किसान रमेशचंद्र मिश्र शुक्रवार की दोपहर कृषि अधिकारी कार्यालय पहुंचे। बताया कि उन्होंने करीब सवा सात बीघा में धान की फसल तैयार की थी। पूरी फसल गिरकर नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है। कृषि अधिकारी ने उनको शिकायत की सलाह दी है।
बिना शिकायत नहीं मिलेगा अनुदान
कृषि विभाग जिन किसानों की फसलों का नुकसान होता है। उनको मुआवजा देता है। इस साल किसानों की धान की फसल गिरी है। ऐसे में मुआवजे के लिए किसानों को विभाग के टोलफ्री नंबर 14447 पर नुकसान के 72 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज करानी होगी। योजना का लाभ केवन उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने फसल बीमा कराया है।
तीन दिन पहले की बारिश से भी हुआ था नुकसान
तीन दिन पहले हुई बरसात में भी धान की फसल को नुकसान हुआ था। इस पर जिला कृषि अधिकारी सुरुचि विश्वकर्मा ने बताया कि पूर्व में हुई बारिश से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित किसानों की मदद के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
आंधी और पानी के चलते जवई पडरी गांव में गिरी धान की फसल। संवाद
आंधी और पानी के चलते जवई पडरी गांव में गिरी धान की फसल। संवाद