असलहा जमा करने की मियाद तय हो गई है। सात दिन के भीतर यदि शस्त्र न जमा हुए तो शस्त्र धारकों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की कार्रवाई कर दी जाएगी। इसके बाद सीओ खुद असलहों को जमा करवाएंगे। एएसपी के इस निर्देश पर थानों की पुलिस ने शस्त्रधारकों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
जिले में लगभग 21 हजार शस्त्र लाइसेंस हैं। इनमें से चार हजार ऐसे लोग हैं जो शस्त्र लेकर बाहर रहते हैं। यह निजी सुरक्षाकर्मी हैं। जिले में जिनके पास असलहे हैं, उनको चुनाव आयोग के निर्देश पर जमा करवाया जा रहा है, लेकिन पुलिस के तमाम प्रयास के बाद भी शस्त्रधारक अपने असलहे नहीं जमा कर रहे हैं।
बीट सिपाही लगातार हिदायत भी दे रहे हैं, इसके बाद भी लोग हीलाहवाली कर रहे हैं। इस पर एएसपी आशुतोष मिश्र ने नाराजगी जताते हुए थानों की पुलिस को निर्देश जारी किया है कि वह सात दिन के भीतर असलहे जमा करवाएं। यदि इस अवधि के भीतर कोई असलहा नहीं जमा करता है तो उसके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की कार्रवाई करें। इसके बाद असलहा जमा करवाएं। तीनों सीओ को भी निर्देश दिया है कि सात दिन के बाद वह खुद असलहों को जमा करवाएं। एएसपी के निर्देश पर थानों की पुलिस ने शस्त्र धारकों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।