शिकायत लेकर पहुंचे पीड़ित पति अजय प्रकाश पाल व उनके पिता। संवाद
मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले में निजी अस्पताल की महिला डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीएमओ को मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
सीएमओ ने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. हिंद प्रकाश मणि और डॉ. अशोक मौर्य को नामित किया गया है। साथ ही तहसील स्तर के एक मजिस्ट्रेट को भी जांच टीम में शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंझनपुर के ओसा निवासी अजय प्रकाश पाल ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि एक मई को प्रसव पीड़ा होने पर वह अपनी पत्नी कोमल पाल को मंझनपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने ले गया था। आरोप है कि वहां मौजूद महिला डॉक्टर ने सामान्य प्रसव संभव न होने की बात कहकर ऑपरेशन की सलाह दी।
ऑपरेशन के बाद बेटे का जन्म हुआ, लेकिन इसी दौरान प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। पीड़ित का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग होने लगी। आरोप यह भी है कि हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने परिजनों को बिना जानकारी दिए दोबारा ऑपरेशन किया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
बाद में प्रसूता को दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अजय प्रकाश पाल का आरोप है कि डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ ने इलाज में लापरवाही बरती। साथ ही घटना के बाद आर्थिक मदद और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को दबाने का प्रयास किया।