मंझनपुर (ब्यूरो)। सरायअकिल एसओ और कनैली चौकी प्रभारी पर झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कनैली गांव के एक व्यक्ति उनके खिलाफ कलेक्ट्रेट में आमरण अनशन पर बैठ गया है। अनशनकारी का ऐलान है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, वह अनशन नहीं तोड़ेगा।
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के कनैली गांव निवासी विमल सिंह पुत्र जीतेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों से उसकी पुरानी रंजिश है। आरोप है कि विपक्षी आए दिन उसके साथ मारपीट करते रहते हैं। उसकी जमीन पर भी कब्जा कर लिया है। इल्जाम है कि उसने इसकी नामजद शिकायत कनैली चौकी पुलिस और सरायअकिल कोतवाली में की थी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि विपक्षियों की मिलीभगत से एसओ और चौकी प्रभारी आए दिन गांव आकर उसे ही धमकाते रहते हैं।
भुक्तभोगी की मानें तो पुलिस वाले उसे गांव छोड़कर कहीं चले जाने को कहते हैं। इंकार करने पर झूठे मुकदमें में फंसाकर जेल भेजने और जान से मारे जाने की धमकियां दी जाती हैं। विपक्षियों के उत्पात और इलाकाई पुलिस की कथित धमकियों से सहमे विमल ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट आकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
उसका कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई और उसे न्याय नहीं मिलेगा। वह यहां से हटेगा नहीं। मामले में जिलाधिकारी राजमणि यादव ने बताया कि दिन में तो वे मुख्यालय से बाहर थे। शाम को वापस आएंगे। शुक्रवार को पीड़ित व्यक्ति से मिलकर उसकी समस्या सुनी जाएगी।
उसके आरोपों की जांच कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। वहीं पुलिस अधीक्षक रतनकांत पांडेय ने बताया कि किसी ने ऐसी कोई शिकायत उनसे नहीं की है। यदि थानेदार अथवा चौकी प्रभारी से किसी को कोई दिक्कत है, तो कम से कम उसे इसकी जानकारी उन्हें देनी चाहिए। अब पता चला है। प्रकरण की जांच कराकर समस्या को निपटाया जाएगा।