जिले में सप्लाई किए जा रहे दूध में मिलावट की जा रही है। दीपावली पर दूध व दुग्ध उत्पाद के लिए गए नमूनों की रिपोर्ट अच्छी नहीं है। जितना दूध था लगभग उतना ही पानी मिलाया गया है। दूध से फैट निकाला गया और फिर मिल्क पाउडर मिलाकर दूध को गाढ़ा करने की कोशिश हुई।
मिलावटी दूध की बिक्री को लेकर आए दिन शिकायतें गूंजती रहती हैं। शासन तक भी मामले पहुंच चुके हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दीपावली के त्योहार पर दूध व दुग्ध उत्पादों के 11 नमूने लिए थे।
इनमें दूध के चार, खोवा के तीन, पनीर के दो, छेना व पेड़ा के एक-एक शामिल रहे। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। इनमें से दस नमूनों की रिपोर्ट पिछले हफ्ते प्राप्त हुई। आठ नमूने फेल रहे।
दूध में पानी के साथ मिल्क पाउडर मिलाया गया था। इसमें फैट की मात्रा भी कम मिली है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित को नोटिस जारी कर 45 दिन के भीतर अपील करने का अवसर दिया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सेहत के लिए नुकसानदायक:
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्वप्रकाश ने बताया कि सोया, रिफाइंड और पाउडर आदि के मिश्रण से बनाई जाने वाली पनीर बच्चों ही नहीं, बल्कि बड़ों की सेहत के लिए भी बहुत हानिकारक है। इससे पाचन संबंधी जटिल समस्या हो सकती हैं। इस तरह के पनीर के लगातार सेवन से शरीर में बैड फैट, धमनी और तंत्रिका तंत्र में समस्या हो सकती है।