सीबीआई कोर्ट में माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि के आत्मसर्मपण करने के बाद जिला पुलिस ने उस पर और शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। राजू पाल हत्याकांड के एक गवाह पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अब पुलिस उसे जिला कारागार लाने की तैयारी कर रही है। शूटर को रिमांड पर लेकर उस रायफल की तलाश की जाएगी, जिसका फरारी के दौरान उसने लाइसेंस हासिल किया था।
25 जनवरी 2005 को प्रयागराज में हुए राजू पाल हत्याकांड में आरोपी बनाए गए माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि ने पूर्ववर्ती सरकारों के संरक्षण का बखूबी फायदा उठाया। प्रयागराज में दर्ज मुकदमे के बावजूद अब्दुल कवि ने धूमनगंज थाने के विवेचकों को भी खूब गुमराह किया। चौथे विवेचक ने उसका नाम व गांव का पता खोजकर चार्जशीट दाखिल की। इस दौरान वर्ष 2006 में कवि ने सरायअकिल स्थित अपने घर के पता भखंदा से रायफल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया। तत्कालीन थाना प्रभारी, सीओ, एएसपी व एसपी ने लाइसेंस में स्वीकृति प्रदान कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी।
कस्टडी में लेकर की जाएगी पूछताछ
अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर ने कहा कि माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि ने वर्ष 2020 में राजूपाल हत्याकांड के गवाह चकपिन्हा गांव निवासी ओम प्रकाश पाल को मुकदमे में गवाही नहीं देने के लिए धमकी दी थी। ओम प्रकाश के इंकार करने पर उसने तमंचे से उस पर फायर कर जानलेवा हमला किया था। सरायअकिल कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। घटना में शामिल रहे अब्दुल कवि सरेंडर कर चुका है। जबकि, विवेचना के दौरान प्रकाश में आए उसके भाई अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। शूटर का भाई वली फरार है। कवि को कौशाम्बी जेल लाने व कोर्ट की अनुमति से उसे कस्टडी में लेकर उसकी रायफल के बारे में पता किया जाएगा।