बहन की शादी में शामिल होने मायके आई सुमिरी देवी और उसके तीन वर्षीय बेटे की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घर में शादी की खुशियां कुछ ही दिनों में मातम में बदल गईं। वहीं, दो माह की मासूम बेटी के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया।
भरवारी क्षेत्र के पांडेय मऊ की इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। जिस घर में कुछ दिन पहले बेटी की शादी की रौनक थी, वहां अब हर ओर मातम पसरा है। मां और तीन वर्षीय बेटे की एक साथ मौत से परिजन बेसुध हैं, जबकि दो माह की मासूम बच्ची अब मां के दुलार से हमेशा के लिए वंचित हो गई है।
परिजनों के मुताबिक, सुमिरी देवी बहन की शादी में शामिल होने बच्चों के साथ मायके आईं थी। शादी के बाद वह पहले की अपेक्षा काफी शांत और गुमसुम रहने लगी। पिता जगलाल ने कई बार उसकी उदासी का कारण पूछा, लेकिन उसने किसी से मन की बात साझा नहीं की।
पिता जग लाल ने बताया कि 10 जून को ससुराल के घर में लगी आग से गृहस्थी का अधिकांश सामान जलकर राख हो गया था। इस घटना के बाद से वह मानसिक तनाव में रहने लगी थी। हालांकि, पुलिस अभी इसे घटना का कारण नहीं मान रही है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही मुंबई में रह रहे पति धनराज घर के लिए रवाना हो गए हैं। गांव में रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का तांता लगा है। वहीं पुलिस मां बेटे के शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाकर पूरे प्रकरण के जांच पड़ताल में जुट गई है।