ग्रामीण क्षेत्रों में अब बिना नक्शे के घर बनवाना आसान नहीं होगा। जिला पंचायत ने सख्ती दिखाते हुए अब घर बनाने से पहले नक्शा पास कराना अनिवार्य किया है। नियमों की अनदेखी कर बनाए गए घर अवैध माने जाएंगे।
जिले की 451 ग्राम पंचायतों में अब यहां वहां मनमाना निर्माण प्रतिबंधित कर दिया गया है। 300 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल से अधिक की भूमि पर बनने वाले हर भवन के लिए जिला पंचायत से अनुमति लेना होगा। बिना नक्शा पास कराए निर्माण अवैध होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने बताया कि नक्शा स्वीकृत कराने से घर का विधिवत मूल्यांकन हो सकेगा।
इससे संपत्ति का पंजीकरण मजबूत होगा और बैंक से लोन लेने में भी सहूलियत होगी। किसी विवाद की स्थिति में यह दस्तावेज महत्वपूर्ण साबित होगा। साथ ही, किसी दुर्घटना या क्षति होने पर मुआवजा मिलने की प्रक्रिया भी आसान होगी।
आसान है प्रक्रिया
- जिला अभियंता जिला पंचायत अरुण प्रताप भारतीय ने बताया कि जिले के 451 गांवों में यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। अब नए भवन निर्माण से पहले नक्शा पास कराना जरूरी होगा। इसके लिए आवेदक को जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज, धारा 80 का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जमीन की फोटो और वास्तुकार द्वारा तैयार नक्शा जमा करना होगा।
नियम के तहत 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल पर बनने वाले घर के लिए नक्शा अनिवार्य किया गया है, जबकि इससे कम क्षेत्रफल पर यह बाध्यता नहीं होगी। 300 वर्ग मीटर से अधिक निर्माण पर 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क भी देना होगा। इसमें पुराने बने घर के स्वामियों को वरीयता दी जाएगी।
गांव में तमाम ऐसे लोग हैं जिनके घर छोटे होते हैं। यह नियम बेहतर है। इससे गांव में भवन निर्माण की एकरूपता बनी रहेगी। जिनको जरूरत पर भवन को गिरवी रखने या अन्य प्रकार की धन की जरूरत होगी। उनके लिए नक्शा पास कराने के बाद मिले दस्तावेज बेहद अहम होगें। यह व्यवस्था बेहतर है। इससे कब्जे जैसी अनेकों समस्याओं का हाल भी निकलेगा। - राम धीरज
गांव में 300 वर्ग मीटर से अधिक मकान निर्माण पर अनिवार्य नक्शा पास करवाने का नियम ग्रामीणों की स्वतंत्रता पर अनुचित अतिक्रमण है। सदियों से लोग अपनी जरूरत के अनुसार गांव में छोटे-बड़े मकान बनाते आए हैं। इससे विकास तो होगा नहीं बल्कि अनावश्यक दस्तावेजों का झंझट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। - संजय त्रिपाठी, जलालपुर शाना
जिला पंचायत।
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