टीएनपीएस-पिपरहटा मार्ग पर पिपरहटा गांव के पास बने पुल को अब ऊंचा बनाया जाएगा। पुल के निर्माण पर 1.02 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुल से होकर पिपरहटा और उमरवल गांव के लोगों का रोजाना आना-जाना होता है। पुल छह महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा।
पुल ऊंचा बनने से दोनों गांवों के 5500 से अधिक लोगों को बाढ़ के दौरान राहत मिलेगी। बरसात के दिनों में यमुना में बाढ़ आने पर नदी की तलहटी से निकले नाले का पानी वापस होकर सड़क पर बने पुल पर भर जाता है। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। ग्रामीणों को गांव से बाहर निकलने और जरूरी कामों के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है।
हर साल बरसात में यही समस्या होती है। पानी भरने पर कई दिनों तक रास्ता बंद रहता है और नाव ही एकमात्र सहारा बनती है। - चंद्रपाल, ग्रामीण
खेतों तक पहुंचने और मंडी तक उपज ले जाने में बहुत दिक्कत होती है। ऊंचा पुल बनने से किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।- मंगला प्रसाद
बच्चों को स्कूल भेजने और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में बरसात के समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है। नया पुल बनने से यह संकट खत्म होगा।- रामदास
पिपरहटा पुल निर्माण कार्य के लिए 1.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। पुल को इस तरह बनाया जाएगा कि बरसात के दिनों में सड़क पर पानी न आए और ग्रामीणों का आवागमन बिना बाधा के जारी रहे। छह माह में निर्माण कार्य पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।-हरबंश सिंह, अधिशाषी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
टीएनपीएस से पिपरहटा की ओर जाने वाली सड़क पर बनी जर्जर पुलिया। संवाद
टीएनपीएस से पिपरहटा की ओर जाने वाली सड़क पर बनी जर्जर पुलिया। संवाद
टीएनपीएस से पिपरहटा की ओर जाने वाली सड़क पर बनी जर्जर पुलिया। संवाद